ब्रह्मसरोवर की तर्ज पर पिहोवा सरस्वती तीर्थ पर बनेगी 49 सदरियां:धुमन सिंह किरमच

 

ब्रह्मसरोवर की तर्ज पर पिहोवा सरस्वती तीर्थ पर बनेगी 49 सदरियां:धुमन सिंह किरमच


पिहोवा सरस्वती तीर्थ स्थल को विकसित करने के लिए बोर्ड की तरफ से तैयार किया गया मास्टर प्लान,
 मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से अनुमति मिलने के बाद शुरू होगा कार्य



पिहोवा, 18 जनवरी

हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच ने कहा कि कुरुक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर की तर्ज पर पिहोवा सरस्वती तीर्थ स्थल पर 49 सदरियां तैयार की जाएंगी। इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इसके अलावा प्राची तीर्थ से लेकर वाल्मीकि मंदिर तक सरस्वती तीर्थ स्थल को विकसित करने का मास्टर प्लान भी तैयार किया गया है।
बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच ने रविवार को सरस्वती तीर्थ पर पत्रकारों से बातचीत की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में सरस्वती नदी के किनारे स्थित तीर्थों, तलाबों, घाटों को विकसित किया जा रहा है। इस सरकार ने हजारों साल पुरानी सरस्वती नदी के किनारे बसी सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने के साथ-साथ विकसित करने का कार्य किया है। इन्हीं संकल्पों में से एक संकल्प पिहोवा सरस्वती तीर्थ पर ब्रह्मसरोवर की तर्ज पर 49 सदरियां बनाई जाएंगी। इन सदरियों से तीर्थ की भव्यता और सुंदरता में चार चांद लगेंगे।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड की तरफ से पिहोवा सरस्वती तीर्थ के आसपास क्षेत्र और प्रांची तीर्थ से वाल्मीकि मंदिर तक सरस्वती नदी को विकसित करने के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया गया है। इस मास्टर प्लान को लेकर बोर्ड के अधिकारियों ने उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा से भी चर्चा की है। अब इस प्रोजेक्ट को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के समक्ष रखा जाएगा। इस मास्टर प्लान पर मुख्यमंत्री की सहमति मिलने के बाद आगामी आवश्यक कार्यवाही को अमलीजामा पहनाया जाएगा।
उपाध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश सरकार के प्रयासों से ही पिहोवा के सरस्वती महोत्सव को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। इस तीर्थ स्थल पर आने वाले समय में देश विदेश से पर्यटकों की संख्या में और इजाफा होगा। सरकार के आदेशानुसार बोर्ड के अधिकारी लगातार सरस्वती तीर्थ और सरस्वती नदी के विकास कार्यों को लेकर कार्य कर रहे है। इस तीर्थ स्थली को आने वाले समय में और दर्शनीय स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इस मौके पर नगर पालिका पिहोवा के चेयरमैन आशीष चक्रपाणी, बोर्ड के अधीक्षण अभियंता अरविंद कौशिक, कार्यकारी अभियंता नवतेज सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष सुशील राणा, भाजपा नेता हन्नु चक्रपाणी, कार्तिक चक्रपाणी, बलबीर गुज्जर, मंडल अध्यक्ष सुखबीर, बाबू राम, नपा सचिव अशोक कुमार, नायब तहसीलदार श्याममल आदि उपस्थित थे।

सरस्वती तीर्थ स्थल पिहोवा में नजर आएंगी विश्व स्तरीय आधुनिक खूबसूरत मूर्तिकला

तीर्थ स्थल पर ब्रह्मसरोवर की तर्ज पर बनेंगी पत्थर की मूर्तियां, मूर्तियों में नजर आएगी देश की प्राचीन संस्कृति और कला, 
सरस्वती महोत्सव के दौरान लगेगा 15 दिवसीय राष्ट्रीय शिविर, 

कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग तथा सरस्वती बोर्ड के तत्वाधान में लगेगा शिविर




पिहोवा, 18 जनवरी

हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच ने कहा कि पिहोवा सरस्वती तीर्थ स्थल पर जल्द ही विश्व स्तरीय आधुनिक मूर्तिकला देखने को मिलेगी। इस तीर्थ पर 16 भव्य मूर्तियां तैयार की जाएंगी। इन मूर्तियों के लिए भैंसलाना से काले पत्थर की 16 बड़ी चट्टानें तीर्थ स्थल पर पहुंच चुकी है। इन पत्थरों को मूर्तियों के रूप में तराशने के लिए हरियाणा और आस पास के राज्यों से 16 शिल्पकार भी पहुंच चुके है। इस राष्ट्रीय कैम्प के लिए हरियाणा कला एवं सांस्कृतिक कला विभाग के सांस्कृतिक अधिकारी एवं प्रसिद्ध मूर्ति कलाकार हृदय कौशल को संयोजक नियुक्त किया गया है।
बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच ने रविवार को विशेष बातचीत की है। इससे पहले सांस्कृतिक अधिकारी एवं प्रसिद्ध मूर्तिकार हृदय कौशल ने सरस्वती तीर्थ स्थल पर दिन रात चलने वाले 15 दिवसीय राष्ट्रीय शिविर के बारे में विस्तृत जानकारी दी और हरियाणा से लगभग 10 और अन्य राज्यों से आए 4 शिल्पकारों जिनमें वीएस कुंडू, स्वीराज, सुमन, संजीव, विशाल, नरेन्द्र, आशीष, अमित, शालिनी, रशमी आर्य, धर्म नितम, संगम, रणजीत सहित अन्य जाने माने कलाकारों से परिचय करवाया और कहा कि हरियाणा कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के आयुक्त वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डा. अमित अग्रवाल के आदेशानुसार पिहोवा सरस्वती महोत्सव के दौरान आधुनिक खूबसूरत मूर्ति शिल्प का राष्ट्रीय शिविर लगाया जा रहा है।
उपाध्यक्ष ने कहा कि सरस्वती तीर्थ को पर्यटन के रूप में विकसित करने तथा सरकार की कला और संस्कृति को विकसित करने और सहेजने की नीति के तहत ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आदेशानुसार आधुनिक खूबसूरत मूर्ति शिल्प को लेकर राष्ट्रीय शिविर लगाया जा रहा है। इस शिल्प कला के लिए 16 काले पत्थर की चट्टान भी तीर्थ स्थल पर पहुंच चुकी है। अब आगामी 15 दिनों में हरियाणा व दूसरे राज्यों से आए शिल्पकार पत्थरों को तराश कर सौंदर्यीकरण व संस्कृति को दर्शाती 16 मूर्तियों का निर्माण करेंगे। यह शिविर 15 दिनों तक चलेगा और सभी शिल्पकार दिन रात कार्य करेंगे। इस शिल्पकला को देखने के लिए पिहोवा और आस पास के जिलों से युवा पीढ़ी को पहुंचना चाहिए। इससे युवा पीढ़ी को शिल्पकला के क्षेत्र में आपार संभावनाओं के साथ साथ रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने का एक मुकाम भी नजर आएगा।
उन्होंने कहा कि इन मूर्तियों में 7 हजार साल पुरानी सरस्वती की सांस्कृतिक विरासत को भी देखने का अवसर मिलेगा। इन सभी 16 मूर्तियों को सरस्वती के घाट पर सजाया जाएगा। इससे सरस्वती तीर्थ का सौंदर्यीकरण बढ़ने के साथ साथ दूर दराज से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को मूर्तिकला को देखने का अनोखा अवसर भी मिलेगा। यह शिविर हरियाणा कला एवं सांस्कृतिक विभाग तथा हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के संयुक्त तत्वाधान में लगाया जाएगा। इसके लिए सरकार द्वारा लगभग 35 लाख का बजट भी पारित किया है।  





पिहोवा सरस्वती तीर्थ पर ऐतिहासिक और यादगार होगा अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव 2026:धुमन सिंह

पिहोवा सरस्वती तीर्थ पर आज होगा सरस एवं सांस्कृतिक मेले का उद्घाटन,

 बोर्ड की तरफ से 65 किलोमीटर लम्बी सरस्वती नदी पर 28 करोड़ की राशि से बनाई पटरी,

सरस्वती महोत्सव के लिए आस पास के जिलों से चलेंगी विशेष बसें,

 विभिन्न प्रदेशों के शिल्पकारों की कला देखने को मिलेगी महोत्सव में, मेरे यार सुदामा रै गाने वाली प्रसिद्घ कलाकार विधि देशवाल बनेंगी महोत्सव की शान 



पिहोवा, 18 जनवरी

 हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच ने कहा कि पिहोवा सरस्वती तीर्थ पर अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव 2026 को ऐतिहासिक और यादगार बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए गए है। इस बार हरियाणा सरस्वती विकास बोर्ड, सूचना जनसम्पर्क एवं भाषा विभाग, हरियाणा कला एवं सांस्कृतिक विभाग तथा जिला प्रशासन एवं संस्थाओं के सहयोग से 19 जनवरी से 25 जनवरी तक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। अहम पहलू यह है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आदि बद्री में उद्घाटन समारोह में शिरकत करेंगे।
बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच रविवार को पिहोवा सरस्वती तीर्थ पर महोत्सव को लेकर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इससे पहले बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच और उनके साथ नगर पालिका पिहोवा के चेयरमैन आशीष चक्रपाणी, बोर्ड के अधीक्षण अभियंता अरविंद कौशिक, कार्यकारी अभियंता नवतेज सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष सुशील राणा, भाजपा नेता हन्नु चक्रपाणी, कार्तिक चक्रपाणी, बलबीर गुज्जर, मंडल अध्यक्ष सुखबीर, बाबू राम, नपा सचिव अशोक कुमार, नायब तहसीलदार श्याममल ने महोत्सव की तैयारियों का निरीक्षण किया। उपाध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रयासों से इस बार अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव 2026 में 19 से 25 जनवरी तक 7 दिवसीय कार्यक्रमों का शेड्यूल तैयार किया गया है। इस महोत्सव को लोगों की आशा के अनुरूप आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि महोत्सव में मेरे यार सुदामा रै भजन की प्रस्तुति देने वाली विधि देशवाल, प्रसिद्ध कलाकार मंदीप, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर रहने वाली टीमों को आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा पंजाब से भी बड़े कलाकार को आमंत्रित किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सोच है कि हरियाणा और पंजाब की संस्कृति का संगम पिहोवा सरस्वती तीर्थ पर देखने को मिले। इस वर्ष बसंत पंचमी 23 जनवरी के पावन पर्व पर संत सम्मेलन का आयोजन होगा और इस संत सम्मेलन में गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज भी शिरकत करेंगे।
उन्होंने कहा कि 19 जनवरी को आदि बद्री यमुनानगर में सरस्वती नदी पर विकास कार्यों का उद्घाटन,सरस मेला और हरियाणा पुरातत्व विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का उद्घाटन, 19 जनवरी से 25 जनवरी तक पिहोवा सरस्वती तीर्थ पर सरस एवं सांस्कृतिक मेला, 20 से 21 जनवरी को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में सरस्वती नदी पर अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी, 22 जनवरी को राखीगढ़ी व कुनाल में हरियाणा पुरातत्व विभाग द्वारा सरस्वती नदी पर प्रदर्शनी का आयोजन, 23 जनवरी को बसंत पंचमी के पावन पर्व पर पिहोवा सरस्वती तीर्थ स्थल पर मां सरस्वती जन्मोत्सव, बसंत पंचमी सरस्वती समारोह के शुभ अवसर पर सत्संग, विद्वान व सरस्वती सेवा समिति संगम सम्मेलन व महोत्सव के मुख्य कार्यक्रमों का समापन समारोह, इसके अलावा 23 जनवरी को ही सरस्वती नगर यमुनानगर, कैथल के गांव पोलड एवं पिसौल तीर्थ, जींद के हंस डरहर तीर्थ पर भी बसंत उत्सव कार्यक्रम का आयोजन होगा तथा पिहोवा सरस्वती तीर्थ पर सरस मेला चलेगा।

सरस एवं सांस्कृतिक मेले का उदघाटन आज



बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच ने कहा कि 19 जनवरी को जहां आदिबद्री में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव का आगाज करेंगे, वहीं 19 जनवरी को सुबह 9 बजे पिहोवा सरस्वती तीर्थ पर सरस एवं सांस्कृतिक मेले का उदघाटन होगा। इस कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता जयभगवान शर्मा व भाजपा के जिला अध्यक्ष तिजेन्द्र सिंह गोल्डी शिरकत करेंगे। इसके अलावा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय एवं शिक्षा विभाग के सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ, सरस मेले का अवलोकन,प्रतिभागी विद्यार्थियों का पुरस्कार वितरण समारोह, वृक्षारोपण तथा सायं 5:30 बजे भजन संध्या व सरस्वती आरती का आयोजन होगा।
सरस्वती महोत्सव के लिए आस पास के जिलों से चलेंगी विशेष बसें

बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव के लिए परिवहन विभाग की तरफ से विशेष बस सेवा भी शुरू की जाएगी। इस बस सेवा के तहत कुरुक्षेत्र से 5 बसे, पंचकूला से 2 बसें, कैथल से 2 बसें व अम्बाला से 2 बसें चलेंगी।
बोर्ड की तरफ से 65 किलोमीटर लम्बी सरस्वती नदी पर 28 करोड़ की राशि से बनाई पटरी

बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार की तरफ से बोर्ड के माध्यम से पिपली तक 65 किलोमीटर लम्बी पटरी बनाई गई है। यह पटरी सरस्वती नदी पर बनाई गई है। इस प्रोजेक्ट पर 28 करोड़ रुपए की राशि खर्च की गई है। इसके अलावा अलग-अलग जगहों पर सरस्वती नदी को मजबूत करने के लिए स्टोन पीचिंग का कार्य भी करवाया गया है।

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