माता बगलामुखी महायज्ञ से व्यक्ति ही नहीं अपितु सामूहिकता का होता है कल्याणः जयभगवान शर्मा डीडी


-----श्रद्धालुओं ने महायज्ञ में डाली आहुति वह यज्ञमंडप के चारों ओर की परिक्रमा

---नपा चेयरमैन, सरपंचों सहित नेताओं ने की महायज्ञ में शिरकत

अभिषेक पूर्णिमा 
पिहोवा, 30 जनवरी। गांव धनीरामपुरा स्थित सिद्ध पीठ माता बगलामुखी मंदिर में श्रीमहंत बंसी पुरी महाराज व महंत भीम पुरी महाराज के सानिध्य में आयोजित पंच दिवसीय मां बगलामुखी प्रकोटत्सव महायज्ञ में विशेष रूप से वरिष्ठ भाजपा नेता जय भगवान शर्मा डीडी, नगरपालिका चेयरमैन आशीष चक्रपाणि, सरपंच जेपी मैहला, रामलाल अरनैचा, संदीप मोर, स्योंसर, रमेश ककराला, सोमनाथ अरनैचा, संजय ठेकेदार, पार्षद जयपाल कौशिक, योगेश लक्की, रमेश वत्स, सुरेश, गुलशन शर्मा सहित अनेक गणमान्यजनों ने मां बगलामुखी धाम में पहुंचकर पुजारा अर्चना कर संतों का आशीर्वाद लिया। मंदिर के सेवादार एवं सरपंच विकल कुमार चौबे ने बताया कि शुक्रवार को यज्ञाचार्य डा. अभिषेक द्वारा मंत्रोच्चारण के बीच श्रद्धालुओं से महायज्ञ में आहुतियां डलवाई। अब तक लगभग साढे तीन लाख आहुतियां डाली जा चुकी है।  
      मंदिर के पीठाधीश महंत भीम पुरी ने कहा कि शारीरिक रोगों के साथ ही मानसिक रोगों, मनोविकृतियों से उत्पन्न विपन्नत से छुटकारा पाने के लिए यज्ञ चिकित्सा से बढ़कर अन्य कोई उपयुक्त उपाय या उपचार नहीं है। उन्होने यज्ञ को जनकल्याण एवं वातावरण शुद्धि का सर्वोत्तम साधन बताया। मां बगलामुखी की उपासना केवल सांसारिक समस्याओं के समाधान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह साधक के जीवन में शक्ति, संतुलन और आत्मविश्वास का संचार भी करती है। 
         भाजपा नेता जयभगवान शर्मा डीडी ने कहा कि धार्मिक आयोजन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य भी करते हैं। जिससे आपसी प्रेम, सहयोग और भाईचारे की भावना मजबूत होती है। बगलामुखी महायज्ञ यज्ञ से आयु, आरोग्यता, विद्या, वंश वृद्धि, धन, ऐश्वर्या की प्राप्ति होती है। यज्ञ करने से व्यक्ति ही नहीं अपितु सामूहिकता का कल्याण होता है।        
   इस अवसर पर सरपंच विकल चौबे, स्वामी महेश पुरी, स्वामी शिवदयाल पुरी, पं. गंगा प्रसाद शास्त्री, पं. अखिलेश तिवारी, परमानंद चौबे, सहित भारी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित थे।

फोटो मां बगलामुखी मंदिर में पूजा करते जगभगवान शर्मा डीडी व महंत भीम पुरी से आशीवार्द लेते गण्यमान्यजन।

Post a Comment

Previous Post Next Post