------एक जनवरी को धूमधाम व श्रद्धा पूर्वक मनाया जाएगा श्रीमहंत बंसी पुरी महाराज का प्रकाशोत्सव
पिहोवा, 31 दिसंबर: भारत की पवित्र मातृभूमि पर समय-समय पर अनेक संत महात्माओं एवं सिद्ध पुरुषों ने जन्म लिया है, जो अपने जीवन में स्वार्थ का त्याग करते हुए परमार्थ के लिए अपना जीवन समर्पित कर समाज हित व जनकल्याण में लगे रहे। आज भी ऐसे संत महापुरुष है जिनकी ईश्वर के प्रति प्रेम, सेवा, भक्ति, सनातन का प्रचार, व जनकल्याण संबंधी शिक्षाएं जन-जन की प्रेरणाएं बनी हुई है। इनमें एक नाम है सादगी, करुणा व सनातन व्यक्तित्व श्रीमहंत बंसी पुरी महाराज का।
ब्राह्मण कुल में जन्मे महंत बंसी पुरी महाराज अल्पायु में ही घर का परित्याग कर सन्यास आश्रम की दीक्षा लेकर सनातन के प्रचारक बन गए। वह भगवान शिव और मां भगवती को अपना आराध्य मानते हैं। महंत बंसी पुरी ने बताया कि साधु संतों की कोई जाति, वर्ग, धर्म (संप्रदाय) नहीं होता। संत महात्मा सदैव ही ज्ञान का प्रचार कर समस्त मानव जाति को सत्य और धर्म का मार्ग दिखाने का काम करते हैं।
महंत बंसी पुरी ने धर्मनगरी पिहोवा में अनेक धार्मिक कार्यक्रमों से प्रभातफेरी, कन्या पूजन, सरस्वती प्रकटोत्सव, गणेश उत्सव, रामलीला मंचन, दुर्गा महोत्सव आदि की शुरुआत करके लोगों को धर्म से जोड़ने व अपनी पुरातन संस्कृति व संस्कारों से बांधे रखने के सराहनीय कार्य किए है। महाराज श्री देश भर में 20 से अधिक मठ -मंदिरों व डेरों का बखूबी संचालन कर रहे हैं। वह अपने प्रवचनों के माध्यम से लोगों में जन जागृति पैदा कर अध्यात्म से मनुष्य को जोड़ने का कार्य भी तन्मयता से कर रहे हैं।
मंदिर के व्यवस्थापक स्वामी खटवांग पुरी, नगर पालिका प्रधान आशीष चक्रपाणि, समाजसेवी अवतार वालिया, विपिन काहड़ा, बलदेव गर्ग, सुशील गुप्ता, गौरव गोयल इंद्री, अनिल बंसल ने कहा कि महंत बंसी पुरी द्वारा लोगों को सनातन धर्म से जोड़ने के प्रयास प्रेरणा स्वरूप हैं ताकि लोगों के दिलों में भारतीय सनातन संस्कृति की याद सदैव जीवंत रहे। गुरु की महिमा से ही प्रभु भक्ति को पाया जा सकता है। महंत बंसी पुरी का सरल स्वभाव, सादगी व भक्ति भाव से ओतप्रोत जीवन में जीने के साथ ऊंचाइयों तक पहुंचाने की प्रेरणा भी देता है।
महंत बंसी पुरी ने धर्मनगरी पिहोवा में अनेक धार्मिक कार्यक्रमों से प्रभातफेरी, कन्या पूजन, सरस्वती प्रकटोत्सव, गणेश उत्सव, रामलीला मंचन, दुर्गा महोत्सव आदि की शुरुआत करके लोगों को धर्म से जोड़ने व अपनी पुरातन संस्कृति व संस्कारों से बांधे रखने के सराहनीय कार्य किए है। महाराज श्री देश भर में 20 से अधिक मठ -मंदिरों व डेरों का बखूबी संचालन कर रहे हैं। वह अपने प्रवचनों के माध्यम से लोगों में जन जागृति पैदा कर अध्यात्म से मनुष्य को जोड़ने का कार्य भी तन्मयता से कर रहे हैं।
मंदिर के व्यवस्थापक स्वामी खटवांग पुरी, नगर पालिका प्रधान आशीष चक्रपाणि, समाजसेवी अवतार वालिया, विपिन काहड़ा, बलदेव गर्ग, सुशील गुप्ता, गौरव गोयल इंद्री, अनिल बंसल ने कहा कि महंत बंसी पुरी द्वारा लोगों को सनातन धर्म से जोड़ने के प्रयास प्रेरणा स्वरूप हैं ताकि लोगों के दिलों में भारतीय सनातन संस्कृति की याद सदैव जीवंत रहे। गुरु की महिमा से ही प्रभु भक्ति को पाया जा सकता है। महंत बंसी पुरी का सरल स्वभाव, सादगी व भक्ति भाव से ओतप्रोत जीवन में जीने के साथ ऊंचाइयों तक पहुंचाने की प्रेरणा भी देता है।
कल मनाया जाएगा महंत बंसी पुरी का प्रकाशोत्सव
श्री दक्षिणा काली पीठ संचालन समिति के संस्थापक एवं भारत साधु समाज के प्रदेशाध्यक्ष श्रीमंहत बंसी पुरी महाराज का प्रकाशोत्सव कल नव वर्ष के दिन एक जनवरी को मॉडल टाउन स्थित श्री दक्षिणा काली पीठ मंदिर के प्रांगण में धूमधाम व श्रदापूर्वक मनाया जाएगा। जानकारी देते हुए मंदिर के व्यवस्थापक स्वामी खटवांग पुरी ने बताया कि प्रात: सात बजे देव पूजन, दस बजे संकीर्तन, संत- समागम व दोपहर के समय प्रीति भोज का आयोजन होगा। इस समारोह में विभिन्न प्रांतो से संत महात्मा, श्रद्धालुगण, एवं नगरवासी शामिल होंगे।
श्री दक्षिणा काली पीठ संचालन समिति के संस्थापक एवं भारत साधु समाज के प्रदेशाध्यक्ष श्रीमंहत बंसी पुरी महाराज का प्रकाशोत्सव कल नव वर्ष के दिन एक जनवरी को मॉडल टाउन स्थित श्री दक्षिणा काली पीठ मंदिर के प्रांगण में धूमधाम व श्रदापूर्वक मनाया जाएगा। जानकारी देते हुए मंदिर के व्यवस्थापक स्वामी खटवांग पुरी ने बताया कि प्रात: सात बजे देव पूजन, दस बजे संकीर्तन, संत- समागम व दोपहर के समय प्रीति भोज का आयोजन होगा। इस समारोह में विभिन्न प्रांतो से संत महात्मा, श्रद्धालुगण, एवं नगरवासी शामिल होंगे।
