तपती धूप बनी मुसीबत, गर्मी जनित रोगों का खतरा बढ़ा


गर्मी का कहर जारी, बीमारियों से बचाव के लिए अपनाएं सावधानी,अन्यथा हो सकते हैं बीमार


अभिषेक पूर्णिमा 
पिहोवा, 21 मई : आजकल बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक जंक फूड और बाहरी खाने के शौकीन हो गए हैं, लेकिन इसके दुष्प्रभावों से अधिकांश लोग अनजान हैं। विशेषकर सफर और गर्मियों में खानपान का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। चिकित्सकों के अनुसार संतुलित एवं पौष्टिक आहार ही अच्छे स्वास्थ्य का आधार है। पौष्टिक और अपौष्टिक भोजन के प्रभावों को लेकर एंव गर्मी से बचाव के उपाय को लेकर नगर के प्रमुख चिकित्सकों के विचार ।
सफर में रखे खान-पान का ख्याल: डा सुदर्शन चुघ
              सरस्वती मिशन अस्पताल के एम.डी. डॉ. सुदर्शन चुघ ने कहा कि गर्मियों की छुट्टियों में लोग बच्चों को लेकर सैर-सपाटे पर निकलते हैं, लेकिन अत्यधिक गर्मी और खराब खानपान के कारण सफर में परेशानियां बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान खानपान और आराम का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। सफर में हल्का भोजन, ताजे फल और हरी सब्जियों का सेवन करें। 
  जंक फूड बिगाड़ सकता है सेहत: डॉ. राजेंद्र मंगला
              नगर के प्रसिद्ध चिकित्सक डा. राजेंद्र मंगला ने कहा कि आजकल जंक फूड का बढ़ता प्रचलन लोगों की सेहत पर बुरा प्रभाव डाल रहा है। आकर्षक दिखने वाले ये खाद्य पदार्थ शरीर के लिए बेहद हानिकारक साबित होते हैं। इनके अधिक सेवन से शरीर में वसा, कार्बोहाइड्रेट, नमक और चीनी की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे मोटापा, हृदय रोग और लीवर संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ने लगता है। उन्होंने बताया कि जंक फूड की आदत पड़ने से लोग फल, हरी सब्जियां और सलाद जैसे पौष्टिक आहार से दूरी बना लेते हैं, जिसके कारण शरीर में पोषक तत्वों की कमी होकर स्वास्थ्य प्रभावित होने लगता है।
संतुलित भोजन से स्वस्थ रहता है शरीर: डा. अवनीत वडैच
             होम्योपैथिक फिजिशियन डॉ. अवनीत वडैच ने कहा कि गर्मी में अच्छा स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए संतुलित आहार बहुत जरूरी है। संतुलित भोजन से शरीर को सभी जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं, जिससे व्यक्ति स्वस्थ और फिट रहता है। उन्होंने बताया कि पौष्टिक आहार शरीर की रोगों से लड़ने की ताकत बढ़ाता है और कई बीमारियों व संक्रमण से बचाने में मदद करता है। इसके साथ ही संतुलित भोजन दिमाग को भी मजबूत बनाता है और याददाश्त बढ़ाने में सहायक होता है।
 बच्चों की पसंद के व्यंजन घर पर ही बनाएं: डॉ. रवि गर्ग
             सरस्वती मिशन हॉस्पिटल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि गर्ग ने कहा कि “चुटकी भर बचाव, मुट्ठी भर इलाज के बराबर होता है।” उन्होंने बताया कि स्वादिष्ट दिखने वाला लेकिन पोषणहीन भोजन केवल पेट भरता है, जबकि यह शरीर में कई बीमारियों के जीवाणु और कीटाणु पैदा कर सकता है। इससे बच्चों का शरीर कमजोर होने लगता है। उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी कि बच्चों को जंक फूड से दूर रखने के लिए पारंपरिक खाद्य पदार्थों को बच्चों की पसंद के अनुसार थोड़ा नया रूप देकर तैयार किया जा सकता है। इससे भोजन की पौष्टिकता भी बनी रहती है और बच्चे भी उसे खुशी से खाते हैं।
 मसालेदार और तला-भूना भोजन खाने से बचें:  डॉ ऊषा जांगड़ा   
                प्रसिद्ध फिजियोथेरेपिस्ट डॉ ऊषा जांगड़ा ने कहा कि मसालेदार और तला-भूना भोजन खाने से बचें तथा बच्चों को फास्ट फूड व जंक फूड से दूर रखें। सफर में हल्का भोजन, ताजे फल और हरी सब्जियों का सेवन करें। उन्होंने टाइट कपड़े न पहनने की भी सलाह दी, क्योंकि इससे त्वचा संबंधी एलर्जी का खतरा बढ़ सकता है। डॉ. ऊषा ने कहा कि सही खानपान से शरीर का वजन भी आयु और लंबाई के अनुसार संतुलित बना रहता है।

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