----अभिषेक पूर्णिमा
सरस्वती के तट पर भारतीय शिल्पकला के हुए दर्शन
पिहोवा 19 जनवरी पिहोवा तीर्थ नगरी के विश्व प्रसिद्ध सरस्वती नदी के तट पर भारतीय शिल्पकला के दर्शन किए जा सकते है। यह शिल्पकला अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव में सहजता से देखी जा रही है। इस शिल्पकला को पिहोवा और आसपास के पर्यटक और श्रद्धालु निहार रहे है। इन पर्यटकों और श्रद्धालुओं को देश के विभिन्न राज्यों की शिल्पकला को देखने का एक सुनहरी अवसर हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड द्वारा मुहैया करवाया गया है।
उपमंडल अधिकारी नागरिक अनिल कुमार दून का कहना है कि हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड व उपमंडल प्रशासन की तरफ से हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी बसंत पंचमी को लेकर अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह महोत्सव 25 जनवरी 2026 तक चलेगा। इस महोत्सव में देश के विभिन्न कोनों से करीब शिल्पकार अपनी-अपनी शिल्पकला को लेकर पिहोवा नगर वासियों के लिए विशेष तौर पर पहुंचे है। इस शिल्पकला को पिहोवा वासी निहार रहे है और लुत्फ उठा रहे है। इस वर्ष बेहतरीन शिल्पकारों को ही आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस शिल्पकला में लकड़ी का सामान, महिलाओं द्वारा घर की सजावट के लिए हाथ से बना सामान, मिट्टी के बर्तन सहित विभिन्न राज्यों से शिल्पकार अपनी शिल्पकला से सबको मोहित कर रहे है। इस शिल्पकला के साथ-साथ विभिन्न जगहों से लोक कलाकार पर्यटकों का मनोरंजन कर रहे है। इस प्रकार सरस्वती के पावन तट पर शिल्पकला और संस्कृति के विभिन्न रंगों को देखा जा रहा है।

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