सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों के स्टाफ को अब तक नहीं मिला मकान किराया भत्ता, काले बिल्ले लगाकर जताया विरोध


राजेश वर्मा। कुरुक्षेत्र भूमि
पिहोवा,

हरियाणा प्रदेश के सरकारी सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में कार्यरत शैक्षिक स्टाफ को अब तक मकान किराया भत्ता (HRA) का लाभ नहीं मिल पाया है। जबकि प्रदेश के अन्य सरकारी विभागों में यह सुविधा वर्ष 2019 से लागू हो चुकी है, सहायता प्राप्त कॉलेजों के कर्मचारी आज भी इस मूलभूत भत्ते से वंचित हैं।

स्टाफ का आरोप है कि मकान किराया भत्ता से संबंधित फाइल शिक्षा विभाग और वित्त विभाग के बीच लंबे समय से लंबित है। वित्त विभाग द्वारा बार-बार नए-नए ऑब्जेक्शन लगाए जाने के कारण मामला आगे नहीं बढ़ पा रहा है, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष है। पिछले सभी वेतन आयोगो में सहायता प्राप्त कॉलेजों के कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारियों के समान कराया भत्ता मिलता रहा है।

इसी मुद्दे को लेकर सरकारी सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के शैक्षिक स्टाफ ने काले बिल्ले लगाकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया और सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित किया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले समय में प्रदेश स्तर पर बड़े आंदोलन किए जाएंगे।

वहीं दूसरी ओर, हरियाणा सरकार द्वारा महिला कर्मचारियों की आकस्मिक अवकाश (कैजुअल लीव) 20 से बढ़ाकर 25 करने के निर्णय पर भी सवाल उठ रहे हैं। माननीय मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री की स्वीकृति मिलने के बावजूद शिक्षा विभाग द्वारा अब तक इसका औपचारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है, जिससे महिला कर्मचारियों में निराशा है।

सरकारी सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के स्टाफ ने सरकार से मांग की है कि लंबित फाइलों का शीघ्र निपटारा कर HRA का लाभ तुरंत दिया जाए और महिला कर्मचारियों की बढ़ी हुई आकस्मिक अवकाश से संबंधित नोटिफिकेशन जल्द जारी किया जाए, ताकि कर्मचारियों को उनका अधिकार मिल सके।

Post a Comment

Previous Post Next Post