7वें वेतन आयोग के अनुसार मकान किराया भत्ता (HRA) व 25 अवकाश की मांग को लेकर सहायता प्राप्त कॉलेजों के स्टाफ का सरकार के रवैये से रोष


राजेश वर्मा। कुरुक्षेत्र भूमि
कुरुक्षेत्र,

हरियाणा के सरकारी सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने 7वें वेतन आयोग के अनुसार मकान किराया भत्ता (HRA) तथा 25 कैजुअल अवकाश की मांग को लेकर सरकार के प्रति अपना रोष शांतिपूर्ण ढंग से व्यक्त किया। इस दौरान कर्मचारियों ने काले बिल्ले लगाकर विरोध दर्ज कराया और सरकार से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा।
हालांकि, कर्मचारियों ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए परीक्षाओं से संबंधित कार्य को पूरी तरह सुचारू रूप से संचालित रखा।
कर्मचारियों ने बताया कि वर्ष 2019 में राज्य सरकार द्वारा सभी विभागों में 7वें वेतन आयोग के अनुसार संशोधित HRA को वर्ष 2016 से लागू कर दिया गया था, लेकिन सरकारी सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के कर्मचारियों को आज तक इसका लाभ नहीं मिल सका है। HRA से संबंधित फाइल लंबे समय से शिक्षा विभाग एवं वित्त विभाग के बीच लंबित है, जिसे वित्त विभाग द्वारा बार-बार टिप्पणियों एवं आपत्तियों के साथ लौटाया जा रहा है।
इसी प्रकार महिला कर्मचारियों के हित में मुख्यमंत्री द्वारा कैजुअल अवकाश 20 से बढ़ाकर 25 दिन करने की घोषणा की गई थी। इस संबंध में शिक्षा विभाग द्वारा फाइल भी चलाई गई, जिस पर माननीय शिक्षा मंत्री एवं मुख्यमंत्री की स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी है, बावजूद इसके अब तक इसका आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है।
कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले लगभग 10 वर्षों से सरकारी सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के स्टाफ के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों में गहरा रोष व्याप्त है। इसी के चलते प्रदेश के अनेक महाविद्यालयों में कर्मचारियों ने काले बिल्ले लगाकर विरोध प्रदर्शन किया।
सभी शिक्षक एवं कर्मचारी संगठनों ने एकजुट होकर सरकार से मांग की है कि HRA से संबंधित फाइल को शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जाए तथा 7वें वेतन आयोग के अनुसार संशोधित मकान किराया भत्ता और 25 कैजुअल अवकाश का लाभ सरकारी सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के कर्मचारियों को भी तुरंत दिया जाए, ताकि लंबे समय से लंबित इस न्यायोचित मांग का समाधान हो सके।

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