बढ़ती गर्मी और बदलते मौसम से बढ़ रहे त्वचा रोग, बचाव के लिए सतर्क रहना जरूरी : डॉ. आर पी मान


अभिषेक पूर्णिमा 

पिहोवा, 22 मई  लगातार बढ़ रही गर्मी, तेज धूप और तापमान में हो रही बढ़ोतरी के चलते लोगों को त्वचा संबंधी बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। फंगस, एलर्जी, घमौरियां और त्वचा संक्रमण के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा देखा जा रहा है। इसी विषय को लेकर आज मान अस्पताल में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आर पी मान से खास बातचीत की गई।

डॉ. मान ने बताया कि बदलते मौसम और अत्यधिक गर्मी का सीधा असर त्वचा पर पड़ता है। गर्मी के मौसम में अत्यधिक पसीना आने, नमी बढ़ने और तेज धूप के संपर्क में आने से त्वचा कई प्रकार की समस्याओं की चपेट में आ जाती है। उन्होंने कहा कि इन दिनों सबसे ज्यादा मरीज फंगल इंफेक्शन, एलर्जी और त्वचा में जलन जैसी समस्याओं को लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।

उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि गर्मी के मौसम में घमौरियां होना एक आम समस्या है। अधिक पसीना आने और रोमछिद्र बंद होने के कारण पीठ, गर्दन और छाती पर लाल दाने निकल आते हैं, जिनमें खुजली और जलन महसूस होती है। वहीं तेज धूप में मौजूद हानिकारक किरणों के कारण सनबर्न की समस्या भी बढ़ रही है, जिससे त्वचा लाल पड़ जाती है और बाद में पपड़ी बनकर उतरने लगती है।

डॉ. मान ने कहा कि नमी और पसीने के कारण जांघों के बीच, बगल और पैरों की उंगलियों में फंगल संक्रमण तेजी से फैलता है, जिससे दाद, खाज और खुजली जैसी परेशानियां हो सकती हैं। इसके अलावा गर्मी और उमस के कारण त्वचा का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ने से एक्जिमा जैसी पुरानी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। वहीं बढ़ते तापमान से त्वचा में तेल (सीबम) अधिक बनने लगता है, जिससे रोमछिद्र बंद हो जाते हैं और चेहरे पर मुहांसे व पिंपल निकलने लगते हैं।

उन्होंने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह देते हुए कहा कि गर्मी के मौसम में शरीर को अंदर से ठंडा रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। हमेशा हल्के और ढीले सूती कपड़े पहनने चाहिए ताकि त्वचा को हवा मिलती रहे। घर से बाहर निकलने से पहले अच्छी गुणवत्ता वाला सनस्क्रीन और लोशन लगाना चाहिए। दिन में कम से कम दो बार स्नान करें और त्वचा को साफ व सूखा रखें।

डॉ. आर पी मान ने कहा कि तला हुआ और अत्यधिक मसालेदार भोजन खाने से भी त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं, इसलिए खानपान का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि त्वचा पर किसी भी प्रकार का संक्रमण, लाल चकत्ते, खुजली या जलन लंबे समय तक बनी रहे तो तुरंत किसी अच्छे त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें, ताकि समय रहते बीमारी का इलाज किया जा सके।

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