भागवत कथा केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाला दिव्य ज्ञान है: महंत सर्वेश्वरी गिरी


श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ी भक्तों की भारी भीड़

आत्मदेव से परीक्षित मोक्ष तक के प्रसंग सुन झूम उठे श्रद्धालु

अभिषेक पूर्णिमा 

पिहोवा, 20 मई  : शिवपुरी रोड स्थित श्री गोबिदानंद आश्रम में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव के तीसरे दिन कथा का रसपान करने के लिए भक्तों की भारी भीड़ जमा रही।
       व्यासपीठ से कथावाचक महंत सर्वेश्वरी गिरी ने श्रद्धालुओं को भगवान की दिव्य लीलाओं एवं धर्म के गूढ़ रहस्यों का भावपूर्ण वर्णन सुनाया। कथा में आत्मदेव की कथा का उल्लेख करते हुए बताया गया कि मनुष्य को मोह-माया से ऊपर उठकर प्रभु भक्ति का मार्ग अपनाना चाहिए।
        उन्होंने श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि भागवत कथा केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाला दिव्य ज्ञान है। कथा श्रवण से मनुष्य के जीवन में आध्यात्मिक जागृति आती है तथा पापों का नाश होता है।
              उन्होंने सुखदेव जी महाराज के राजा परीक्षित के पास आने का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि मृत्यु का समय निकट जानकर राजा परीक्षित ने सांसारिक मोह त्यागकर भगवान की कथा का श्रवण किया और मोक्ष को प्राप्त हुए।
 

     कथा वाचक ने बताया कि अधर्म और क्रोध अंततः विनाश का कारण बनते हैं। वहीं भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गर्भ में ही राजा परीक्षित की रक्षा करने का प्रसंग सुनाकर प्रभु की भक्तवत्सलता का सुंदर वर्णन किया गया।

        भीष्म पितामह द्वारा शरशैया पर लेटे हुए भगवान श्रीकृष्ण की स्तुति का भावपूर्ण वर्णन करते हुए सर्वेश्वरी गिरी ने कहा कि सच्चा भक्त अंतिम समय में भी प्रभु का स्मरण नहीं छोड़ता। इसके साथ ही राजा परीक्षित के जन्म का प्रसंग भी श्रद्धालुओं को सुनाया गया।
          कथा श्रवण के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर होकर 'जय श्रीहरि' के जयकारों के साथ वातावरण भक्तिमय बना रहा।
          महिला मंडल की प्रधान सरोज गुप्ता ने कथा के यजमान, गणमान्यजनों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में आरती कर श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया।      
          इस मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष आशीष चक्रपाणि, मिथुन अत्री एडवोकेट, सोहनलाल मुंगडिया, विक्की पार्षद, शगुन शर्मा, किरण चक्रपाणि, गीता रानी, मीनाक्षी, वंदना शर्मा, रेनू बाला सहित भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
फोटो संख्या: 20 केयूके गुप्ता 1
श्रद्धालुओं को कथा का रसपान करवाती महंत सर्वेश्वरी गिरी

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