कलयुग के संकटों से मानव को उबारने का सबसे श्रेष्ठ माध्यम है श्रीमद् भगवत कथा: श्रीमहंत बंसी पुरी


अभिषेक पूर्णिमा 

पिहोवा, 23 मई : श्री गोबिदानंद आश्रम में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव के छटे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। भक्तों ने श्रद्धा और आस्था के साथ कथा का रसपान किया।

             कथा में विशेष रूप से पहुंचे भारत साधु समाज के प्रदेशाध्यक्ष श्रीमहंत बंसी पुरी महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि श्रीमद् भागवत कथा । उन्होंने कहा कि आज के समय में व्यक्ति भौतिक सुख-सुविधाओं के पीछे भागते हुए मानसिक तनाव, अशांति और अनेक विकारों से घिरता जा रहा है। ऐसे में भगवत कथा मनुष्य को धर्म, भक्ति और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
                उन्होंने कहा कि  कथा श्रवण से मनुष्य के भीतर सकारात्मक सोच उत्पन्न होती है और उसके सभी पाप स्वत: नष्ट हो जाते हैं।
          कथावाचक महंत सर्वेश्वरी गिरी ने श्रद्धालुओं को भागवत कथा के विभिन्न प्रसंगों का श्रवण करवाया। उन्होंने कर्दम-देवहुति संवाद का वर्णन करते हुए गृहस्थ जीवन में धर्म, संयम और भक्ति का महत्व बताया।
           कथा में कपिल भगवान के जन्म प्रसंग का उल्लेख करते हुए उन्होने कहा कि भगवान ने मानव कल्याण के लिए अवतार लिया। उन्होंने कपिल भगवान द्वारा माता देवहुति को दिए गए उपदेशों का जिक्र करते हुए कहा कि भक्ति और आत्मज्ञान से ही मोक्ष की प्राप्ति संभव है। वहीं सती चरित्र के माध्यम से नारी सम्मान, त्याग और श्रद्धा का संदेश दिया। 
           कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से कथा श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त किया। आयोजन के अंत में आरती कर श्रद्धालुओं में प्रसाद बांटा गया।

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