###जग ज्योति दरबार बिजड़पुर में पंच धूनी अग्नि तपस्या का चौबीसवां दिन,
### श्रद्धालुओं ने अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का किया आह्वान
राजेश वर्मा। कुरुक्षेत्र भूमि
कुरुक्षेत्र,
जग ज्योति दरबार बिजड़पुर में चल रही पंच धूनी अग्नि तपस्या का चौबीसवां दिन अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और दिव्य वातावरण के बीच संपन्न हुआ। दरबार में सुबह से ही श्रद्धालुओं का लगातार आगमन होता रहा और भक्तों ने हवन, भजन-कीर्तन तथा गुरु वंदना में भाग लेकर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया। पंच धूनी अग्नि तपस्या के दौरान पूरा दरबार मंत्रोच्चारण और भक्ति रस में डूबा दिखाई दिया। इस अवसर पर उपस्थित भक्तों और श्रद्धालुओं ने क्षेत्रवासियों सहित दूर-दराज के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में दरबार पहुंचकर इस दिव्य तपस्या का लाभ लेने का आह्वान किया। श्रद्धालुओं का कहना है कि जग ज्योति दरबार में पहुंचने वाले प्रत्येक व्यक्ति को मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक संतोष की अनुभूति होती है। भक्तों ने बताया कि पंच धूनी अग्नि तपस्या केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि मानव कल्याण, आत्मशुद्धि और समाज में सकारात्मक चेतना जागृत करने का माध्यम बन चुकी है। दरबार में लगातार हो रहे भजन-कीर्तन और हवन से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है और श्रद्धालु गुरु कृपा का अनुभव कर रहे हैं। भक्तों ने कहा कि महंत श्री राजेंद्र पुरी जी महाराज के सान्निध्य में होने वाली यह तपस्या लोगों के जीवन में नई आशा और विश्वास का संचार कर रही है। श्रद्धालुओं ने सभी लोगों से अपील की कि वे अपने परिवार सहित दरबार में पहुंचकर गुरु आशीर्वाद प्राप्त करें और इस दिव्य आयोजन का हिस्सा बनें। पंच धूनी अग्नि तपस्या के प्रति लोगों की बढ़ती आस्था के चलते प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है और पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत दिखाई दे रहा है।