कुरुक्षेत्र/पिहोवा। हरियाणा पुलिस द्वारा साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और आमजन को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से अभेद्य एप व डबल ओटीपी प्रणाली के रूप में एक सशक्त पहल की गई है। वर्तमान में साइबर ठग पीड़ित को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर, फर्जी अधिकारी बनकर या मानसिक दबाव बनाकर स्वयं उससे ओटीपी सांझा करवा लेते हैं। साइबर अपराधी विशेषकर 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को अपने जाल में फंसाते हैं। आमजन विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों को साइबर ठगी से बचाने के लिए अभेद्य ऐप एवं डबल ओटीपी प्रणाली कारगार साबित हो रही है।
जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक श्री चन्द्र मोहन ने बताया कि हरियाणा पुलिस द्वारा अभेद्य ऐप के साथ डबल ओटीपी प्रणाली लागू की है। यह प्रणाली ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी घटनाओं में सुरक्षा प्रदान करती है। जब साइबर ठग वरिष्ठ नागरिक पर दबाव बनाता है, तो दूसरा ओटीपी परिजन के पास जाने से परिवार को तुरंत अलर्ट मिल जाता है और धोखाधड़ी रुक जाती है। उन्होंने बताया कि अभेद्य एप’ और डबल ओटीपी प्रणाली आमजन के लिए सुरक्षा, विश्वास और जागरूकता का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है तथा आमजन के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच के रूप में उभरकर सामने आया है।
पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि कोई भी एजेंसी फोन पर डिजिटल अरेस्ट नहीं करती। यदि मोबाइल पर डिजिटल अरेस्ट के नाम से कोई कॉल आए तो घबराएं नहीं, तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें। वरिष्ठ नागरिक 'अभेद्य' ऐप का उपयोग करें तथा डबल ओटीपी के लिए अपने विश्वसनीय संपर्क को नामित करवाएं।
कैसे काम करती है डबल ओटीपी प्रणाली
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पहला ओटीपी वरिष्ठ नागरिक के मोबाइल पर आता है। दूसरा ओटीपी/पुष्टि कॉल उनके द्वारा नामित विश्वसनीय परिजन/मित्र के पास जाता है। लेन-देन तभी पूरा होगा जब दोनों स्तर पर सत्यापन हो जाए। इस तरह यह प्रणाली डिजिटल अरेस्ट जैसी घटनाओं को रोकने में सहायक है ।