पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना प्राकृतिक फसलों का उत्पादन करें किसान: कंवलजीत कौर


अभिषेक पूर्णिमा 

किसानों को दी फसल विविधीकरण,प्राकृतिक खेती व कृषि संबंधी जानकारी, नए कृषि उपकरणों के प्रयोग से किसानों को मिलेगा आर्थिक लाभ


पिहोवा, 11 फरवरी।    जिला परिषद की चेयरपर्सन कंवलजीत कौर ने कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। प्राकृतिक खेती से किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने, मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार करने और पर्यावरण को बचाने में मदद मिल सकती है। ये शब्द बुधवार को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा आयोजित किसान मेले में जिला परिषद चेयरमैन कंवलजीत कौर ने पिहोवा में आयोजित किसान मेले में बतौर मुख्य अतिथि किसानों को सम्बोधित करते हुए कहे।    
             जिप चेयरपर्सन बुधवार को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की तरफ से पिहोवा के किसान सदन में आयोजित किए गए किसान मेले में बतौर मुख्य अतिथि बोल रही थी। इससे पहले कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डा. कर्मचंद ने जिप चेयरपर्सन कंवलजीत कौर व भाजपा नेता जयभगवान शर्मा को पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। जिप चेयरपर्सन कंवलजीत कौर ने किसानों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कंवलजीत कौर ने कहा कि प्राकृतिक खेती न सिर्फ किसानों के लिए बल्कि खेती की जमीन के लिए भी अच्छी होती है। प्राकृतिक खेती करने से किसान का केमिकल और फर्टिलाइजर पर पैसे खर्च नहीं करने पड़ते। उन्होंने कहा इस वर्ष कृषि विभाग के अधिकारियों के प्रयासों से फसल अवशेषों आगजनी के 95 प्रतिशत तक कमी आई है।  
           कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डा.कर्मचंद ने किसानों को जानकारी देते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती के लिए देसी गाय खरीदने पर प्रदेश सरकार द्वारा 30 हजार रुपए और तीन हजार रुपए चार ड्रम कि खरीदने पर अनुदान राशि कृषि किसान कल्याण विभाग द्वारा किसानों को दी जाती हैं। देसी खाद को बनाने के लिए किसान को मिट्टी, बेसन, देसी गुड, देसी गाय का मूत्र, देसी गाय के गोबर के मिश्रण को 24 से 48 घंटे सड़ा कर देसी खाद तैयार किया जाता है, जो खेतों में डालकर जीवाणुओं को पैदा करता है। इस कार्यक्रम में किसानों को कृषि अधिकारियों द्वारा सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में मंच संचालन खण्ड कृषि अधिकारी प्रदीप कुमार ने किया। इस मौके पर मत्स्य उप मण्डल कृषि अधिकारी डा. मनीष वत्स, पालन विभाग डॉ सुमन, स्कूल छात्रा सीरत कौर,और कृषि विभाग के अधिकारी, मत्स्य पालन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी तथा भारी संख्या में किसान मौजूद रहे।

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