पिहोवा, 28 मई( अभिषेक पूर्णिमा): मॉडल टाउन स्थित श्री दक्षिणा काली पीठ धाम में श्रीमहंत बंसी पुरी महाराज के सानिध्य में पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष्य में महामंडलेश्वर स्वामी विद्या गिरी महाराज द्वारा आयोजित सप्त दिवसीय गायत्री महायज्ञ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालु प्रतिदिन यज्ञ में आहुति देकर परिवार, समाज और विश्व कल्याण की कामना कर रहे हैं। धार्मिक प्रवचनों और भजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।
महामंडलेश्वर विद्या गिरी महाराज ने कहा कि गायत्री महायज्ञ भारतीय संस्कृति और लोकमंगल की महान परंपरा है। इससे मन को शांति मिलती है तथा अच्छे संस्कारों का विकास होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन लोगों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं।
उन्होंने बताया कि पुरुषोत्तम मास भगवान विष्णु को समर्पित अत्यंत पुण्यदायी मास माना जाता है। इस दौरान जप, तप, दान, यज्ञ और सत्संग का विशेष महत्व होता है। इस पवित्र समय में आयोजित गायत्री महायज्ञ व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास, मानसिक सुकून और आध्यात्मिक प्रेरणा का संचार करता है।
श्रीमहंत बंसी पुरी ने कहा कि गायत्री महायज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज में सद्भावना, संस्कार और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि यज्ञ से वातावरण शुद्ध होता है तथा मानव जीवन में सेवा, संयम और परोपकार की भावना बढ़ती है।
पीतांबरा पीठ मां बगलामुखी धाम के महंत भीम पुरी ने कहा कि पुरुषोत्तम मास में किए गए पुण्य कार्यों का कई गुना फल मिलता है। इसलिए लोगों को इस अवधि में अधिक से अधिक धार्मिक गतिविधियों में भाग लेना चाहिए।
धाम के व्यवस्थापक स्वामी खटवांग पुरी ने बताया कि यह महायज्ञ 25 से 31 मई तक चलेगा। पूर्णाहुति, कन्या पूजन एवं विशाल भंडारे के साथ यज्ञ का समापन होगा। उन्होंने क्षेत्रवासियों से परिवार सहित महायज्ञ में पहुंचकर धर्म लाभ प्राप्त करने का आह्वान किया।
इस मौके पर महंत सर्वेश्वरी गिरी, स्वामी महेश पुरी, महंत कमला पुरी, स्वामी लखनपुरी, स्वामी आशुतोष पुरी, स्वामी धीरज पुरी, स्वामी माधवपुरी, समाजसेवी विपिन काहड़ा, सरपंच विकल चौबे, बलराम शर्मा, पंडित संजय पौलस्त्य, विवेक पौलस्त्य, वीके जी, सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
उन्होंने बताया कि पुरुषोत्तम मास भगवान विष्णु को समर्पित अत्यंत पुण्यदायी मास माना जाता है। इस दौरान जप, तप, दान, यज्ञ और सत्संग का विशेष महत्व होता है। इस पवित्र समय में आयोजित गायत्री महायज्ञ व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास, मानसिक सुकून और आध्यात्मिक प्रेरणा का संचार करता है।
श्रीमहंत बंसी पुरी ने कहा कि गायत्री महायज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज में सद्भावना, संस्कार और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि यज्ञ से वातावरण शुद्ध होता है तथा मानव जीवन में सेवा, संयम और परोपकार की भावना बढ़ती है।
पीतांबरा पीठ मां बगलामुखी धाम के महंत भीम पुरी ने कहा कि पुरुषोत्तम मास में किए गए पुण्य कार्यों का कई गुना फल मिलता है। इसलिए लोगों को इस अवधि में अधिक से अधिक धार्मिक गतिविधियों में भाग लेना चाहिए।
धाम के व्यवस्थापक स्वामी खटवांग पुरी ने बताया कि यह महायज्ञ 25 से 31 मई तक चलेगा। पूर्णाहुति, कन्या पूजन एवं विशाल भंडारे के साथ यज्ञ का समापन होगा। उन्होंने क्षेत्रवासियों से परिवार सहित महायज्ञ में पहुंचकर धर्म लाभ प्राप्त करने का आह्वान किया।
इस मौके पर महंत सर्वेश्वरी गिरी, स्वामी महेश पुरी, महंत कमला पुरी, स्वामी लखनपुरी, स्वामी आशुतोष पुरी, स्वामी धीरज पुरी, स्वामी माधवपुरी, समाजसेवी विपिन काहड़ा, सरपंच विकल चौबे, बलराम शर्मा, पंडित संजय पौलस्त्य, विवेक पौलस्त्य, वीके जी, सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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