अभिषेक पूर्णिमा
बोले, राजनैतिक लाभ के लिए सद्बावपुर्ण ताने बाने में दरार डाल रही है भाजपा
पिहोवा, 26 फरवरीः कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह के नेतृत्व में निकाली जा रही सद्भाव यात्रा आज अपने 145वें दिन में प्रवेश कर चुकी है। आज गुरुवार को सद्भाव यात्रा की शुरुआत नई अनाज मण्डी पिहोवा से हुई। जहां पर कार्यकर्ताओं एवं लोगों द्वारा यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद यात्रा निरंकारी भवन, शर्मा सर्विस स्टेशन, मालटा मार्किट, मुलतानी कालोनी, ब्राह्मण मिष्ठान भण्डार, संधु फार्म, मोरथली, हमीरा फार्म, गांव स्याणा सैयदां से गुजरते हुए गांव बाखली में यात्रा का समापन हुआ ।
सदभाव यात्रा के दौरान जनसभाओं को संबोधित करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह ने नायब सिंह सैनी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हरियाणा का सबसे शांत माना जाने वाला हरियाणा में खुलेआम चिट्टे का कारोबार पर हो रहा है जो समाज और प्रदेश के लिए काफी घातक हो सकता है। सरकार को इसको लेकर सख्ती बरतनी चाहिए। इसके अलावा प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी, बदहाल कृषि व्यवस्था और सामाजिक तनाव गंभीर चिंता का विषय बन चुके हैं। उनके मुताबिक सबसे खतरनाक प्रवृत्ति यह है कि राजनीतिक लाभ के लिए समाज के सद्भावपूर्ण ताने-बाने में जानबूझकर दरार डाली जा रही है।
बृजेंद्र सिंह ने कहा 2024 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने माना कि कांग्रेस का ओवरकॉन्फिडेंस उसे भारी पड़ा। लोकसभा चुनाव में जनता ने कठिन परिस्थितियों में भी कांग्रेस को समर्थन दिया, लेकिन विधानसभा चुनाव तक आते-आते संगठन की कमजोरी और आपसी खींचतान सामने आ गई। उन्होंने संकेतों में अपनी ही पार्टी के नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि बड़ी लड़ाई भूलकर आपसी प्रतिस्पर्धा शुरू हो गई। जब लक्ष्य रेखा पार करनी थी, तब अंदरूनी खींचतान ने गति धीमी कर दी और परिणाम उम्मीद के अनुरूप नहीं आए। कुछ क्षेत्रों में कांग्रेस ने बेहतर प्रदर्शन किया, लेकिन समग्र रणनीति में एकरूपता और मजबूती का अभाव रहा। जैसे रेस में थोड़ा भी धीमा पड़ने पर दूसरा आगे निकल जाता है, वैसा ही राजनीतिक मैदान में भी हुआ। अति आत्मविश्वास और जमीनी तैयारी की कमी ने विपक्ष को नुकसान पहुंचाया।
सदभाव यात्रा के दौरान जनसभाओं को संबोधित करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह ने नायब सिंह सैनी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हरियाणा का सबसे शांत माना जाने वाला हरियाणा में खुलेआम चिट्टे का कारोबार पर हो रहा है जो समाज और प्रदेश के लिए काफी घातक हो सकता है। सरकार को इसको लेकर सख्ती बरतनी चाहिए। इसके अलावा प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी, बदहाल कृषि व्यवस्था और सामाजिक तनाव गंभीर चिंता का विषय बन चुके हैं। उनके मुताबिक सबसे खतरनाक प्रवृत्ति यह है कि राजनीतिक लाभ के लिए समाज के सद्भावपूर्ण ताने-बाने में जानबूझकर दरार डाली जा रही है।
बृजेंद्र सिंह ने कहा 2024 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने माना कि कांग्रेस का ओवरकॉन्फिडेंस उसे भारी पड़ा। लोकसभा चुनाव में जनता ने कठिन परिस्थितियों में भी कांग्रेस को समर्थन दिया, लेकिन विधानसभा चुनाव तक आते-आते संगठन की कमजोरी और आपसी खींचतान सामने आ गई। उन्होंने संकेतों में अपनी ही पार्टी के नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि बड़ी लड़ाई भूलकर आपसी प्रतिस्पर्धा शुरू हो गई। जब लक्ष्य रेखा पार करनी थी, तब अंदरूनी खींचतान ने गति धीमी कर दी और परिणाम उम्मीद के अनुरूप नहीं आए। कुछ क्षेत्रों में कांग्रेस ने बेहतर प्रदर्शन किया, लेकिन समग्र रणनीति में एकरूपता और मजबूती का अभाव रहा। जैसे रेस में थोड़ा भी धीमा पड़ने पर दूसरा आगे निकल जाता है, वैसा ही राजनीतिक मैदान में भी हुआ। अति आत्मविश्वास और जमीनी तैयारी की कमी ने विपक्ष को नुकसान पहुंचाया।
बृजेंद्र सिंह ने यह भी कहा कि भाजपा की विभाजनकारी राजनीति ने समाज में गहरे तक असर डाला ऐसे में कांग्रेस की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि वह एक समावेशी और सकारात्मक एजेंडा लेकर आगे आए। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने प्रदेशव्यापी यात्रा का जिक्र किया, जिसका उद्देश्य संगठन को मजबूत करना और जनता के बीच संवाद स्थापित करना है। कांग्रेस को अग्रणी भूमिका निभाते हुए सामाजिक सद्भाव, विकास और जवाबदेही की राजनीति को केंद्र में लाना होगा, तभी प्रदेश में सकारात्मक बदलाव संभव है।
इस अवसर पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री चै. बीरेंद्र सिंह, विक्रम चट्ठा, सिकंदर बाखली, लाजवंती ढिल्लों, जींद महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष, रणजीत घोतरा, पवन शर्मा,अवतार सिंह, संजीव रंगा, सुरजीत सिंह, पूर्व सरपंच, कृष्ण लाल, छोटु राम जखवाला, सुभाष जखवाला, अशोक कुमार, मनदीप, सुनील बाखली, पुनम गुलिया सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

