अभिषेक पूर्णिमा
पिहोवा। भारतीय किसान यूनियन (पिहोवा)की अहम बैठक आज किसान रेस्ट हाउस पिहोवा में हल्का प्रधान कवलजीत विर्क व युवा प्रधान मनीष मलिक की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।
बैठक में भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रिंस वड़ैच ने कहा कि यह ट्रेड डील किसानों, पशुपालकों, छोटे व्यापारियों तथा देश की खाद्य एवं आर्थिक संप्रभुता के लिए गंभीर खतरा है। यदि यह समझौता लागू होता है तो भारतीय कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इसलिए इस समझौते का पुरजोर विरोध किया जाएगा।
बैठक में बताया गया कि 25 जून को चंडीगढ़ में देशभर के विभिन्न किसान संगठनों की बैठक तथा 1 जुलाई को हुई बैठक में सभी संगठनों ने एक मंच पर आकर "देश बचाओ मोर्चा" का गठन किया था। उसी मोर्चे द्वारा भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में 15 जुलाई और 21 जुलाई के देशव्यापी कार्यक्रमों का निर्णय लिया गया।
आज की मीटिंग में उन संयुक्त कार्यक्रमों को सफल बनाने की रणनीति तैयार की गई। तय किया गया कि 15 जुलाई को पिहोवा अनाज मंडी में इक्कठे होकर मोटरसाइकिल यात्रा निकाली जाएंगी तथा एसडीएम के माध्यम से भारत सरकार के नाम ज्ञापन सौंपकर ट्रेड डील को रद्द करने की मांग की जाएगी।
इसी क्रम में 21 जुलाई को देश बचाओ मोर्चा के आह्वान पर देशभर के किसान दिल्ली स्थित किसान घाट पर एकत्र होकर भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में विशाल प्रदर्शन करेंगे। भारतीय किसान यूनियन (पिहोवा)ने सभी किसानों, मजदूरों, युवाओं, महिलाओं तथा आम नागरिकों से इन संयुक्त कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
सुखविंदर मुकीमपुरा व ब्लॉक प्रधान बलविंदर बटेडी ने कहा कि यह लड़ाई केवल किसानों की नहीं, बल्कि देश के भविष्य, आत्मनिर्भरता और खाद्य सुरक्षा की लड़ाई है।उन्होंने सभी कोर कमेटी सदस्यों से गांव-गांव जनसंपर्क कर 15 जुलाई की मोटरसाइकिल यात्रा तथा 21 जुलाई के किसान घाट कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया।
इस मौके पर नरेंद्र मलिक ,गुलजार कंबोज ,मालक विर्क ,ऋषि अधोया,विनोद बाखली,दरबार दंडयान,सुशील शर्मा ,मलविंदर ढिल्लों समेत कोर कमेटी सदस्य मौजूद रहे।
