अभिषेक पूर्णिमा कुरुक्षेत्र, 15 जून। सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर ब्रह्मसरोवर में 'श्री कृष्ण कृपा समिति-जीओ गीता, कुरुक्षेत्र द्वारा गीतामनीषी परमपूज्य स्वामी श्री ज्ञानानंद जी महाराज के पावन सान्निध्य एवं आशीर्वाद में विविध आध्यात्मिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज एवं हजारों श्रद्धालुओं द्वारा ब्रह्मसरोवर में पवित्र स्नान के साथ हुआ। तत्पश्चात ब्रह्मसरोवर तट पर स्थापित पांच हवन कुंडों में विशाल सामूहिक यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने विश्व कल्याण, सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना के साथ आहुति अर्पित की। यज्ञ के दौरान श्रीमद्भगवद्गीता के पावन श्लोकों के उच्चारण के साथ आहुतियां डाली गईं, जिससे सम्पूर्ण वातावरण भक्तिमय एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो उठा।
यज्ञ के उपरांतस्वामी ज्ञानानंद महाराज के सान्निध्य में गीता अमृत पाठ, श्रीमद्भगवद्गीता के पंद्रहवें अध्याय का सामूहिक पाठ तथा भगवत् स्तुति का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने अत्यंत श्रद्धा एवं भक्ति भाव से इन कार्यक्रमों में सहभागिता की। इसके पश्चात सचिन गर्ग ने गीता मनीषी के साथ दीप प्रज्वलित किया। तत्पश्चात ठाकुर जी की दिव्य पालकी यात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए ब्रह्मसरोवर की परिक्रमा की। भजन-कीर्तन एवं जयघोषों से सम्पूर्ण वातावरण कृष्णमय हो गया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने श्रद्धालुओं को अपने प्रेरणादायी आशीर्वचन प्रदान किए तथा मेरे नाथ मैं आपको भूलूँ नहीं प्रार्थना वाक्य के साथ कार्यक्रम का समापन कराया। इस अवसर पर आमजन के लिए विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। भोजन, जल सेवा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का लाभ बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने प्राप्त किया।
समिति की प्रधान डॉ. ऋषिपाल एवं कार्यक्रम के संयोजक हंसराज सिंगला ने कायक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, सेवाव्रतियों एवं गणमान्य व्यक्तियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज में गीता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए ऐसे आयोजन निरंतर किए जाते रहेंगे।