अभिषेक पूर्णिमा/रामपाल मालिक
पिहोवा, 16 जुलाई : गुप्त नवरात्रि के अवसर पर गांव धनीराम पुरा के मां बगलामुखी मंदिर में पूजा आराधना करने वाले श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है।
इस अवसर पर महंत भीम पुरी ने आई हुई संगत को अपने प्रवचन में कहा कि नवरात्रों में जहां मा दुर्गा के नौ रूपों की पूजा होती है, वहीं आषाढ़ और माघ के महीनों में पड़ने वाले गुप्त नवरात्रि में तंत्र, साधना और सिद्धि के लिए माता के दस उग्र और दिव्य स्वरूपों की गुप्त पूजा की जाती है, मां काली, मां तारा, मां त्रिपुर सुंदरी, मां भुवनेश्वरी, मां छिन्नमस्ता, मां त्रिपुर भैरवी, मां धूमावती, मां बगलामुखी, मां मातंगी, मां कमला इस दस देवियों की गुप्त नवरात्रि में पूजा आराधना की जाती है।
इन देवियों की आराधना जितनी गोपनीय और रहस्यमयी रखी जाती है, साधक को उतनी ही जल्दी सिद्धि और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
महंत भीम पुरी ने कहा कि गृहस्थ जीवन जीने वालों के लिए माँ भुवनेश्वरी, माँ मातंगी और माँ कमला की साधना को सबसे उपयुक्त और सरल माना गया है। गुप्त नवरात्रि 23 जुलाई वीरवार को समाप्त होगी।
