मानव सेवा ही माधव सेवा: श्री कृष्ण कृपा सेवा मंदिर में 90 परिवारों को मिला निःशुल्क राशन


अभिषेक पूर्णिमा 

दान का इससे श्रेष्ठ सदुपयोग और क्या हो सकता है: मनोहर लाल शर्मा/अनिल धवन

पिहोवा। महामंडलेश्वर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज के पावन आशीर्वाद एवं प्रेरणा से श्री कृष्ण कृपा सेवा मंदिर में पिछले लगभग तीन दशकों से निरंतर चल रही मानव सेवा की परंपरा के अंतर्गत आज मासिक राशन वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर कृष्ण कृपा जियो गीता समिति के प्रधान मनोहर लाल शर्मा ने जरूरतमंद परिवारों को राशन सामग्री वितरित की। कार्यक्रम में समिति के उपप्रधान अनिल धवन, श्री कृष्ण कृपा गौशाला के प्रधान जगदीश तनेजा के साथ वरिष्ठ सदस्य नरेश छाबड़ा भी सेवा कार्य में सहभागी बने।

                  कार्यक्रम के दौरान लगभग 90 जरूरतमंद परिवारों को आटा, दाल, चावल, नमक, मसाले एवं अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री वितरित की गई। मंदिर परिसर में सेवा और संवेदना का भाव देखते ही बनता था।

                इस सेवा कार्य का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब मंदिर में भगवान के दर्शन और माथा टेकने आए कुछ श्रद्धालुओं ने राशन वितरण का दृश्य देखा। जरूरतमंद परिवारों के चेहरों पर संतोष और प्रसन्नता देखकर वे भावुक हो उठे। उन्होंने कहा, "हम मंदिर में जो दान श्रद्धा से अर्पित करते हैं, उसका इससे बड़ा और पवित्र सदुपयोग हो ही नहीं सकता। जब हमारी अर्पित राशि किसी जरूरतमंद परिवार के घर का चूल्हा जलाने का माध्यम बनती है, तब मन को वास्तविक संतोष और भगवान की कृपा का अनुभव होता है।"

                    श्रद्धालुओं ने श्री कृष्ण कृपा परिवार की इस सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुँचाने का सशक्त माध्यम भी बन गया है। उन्होंने इस सेवा अभियान को समाज के लिए प्रेरणादायी बताते हुए भविष्य में भी तन, मन और धन से सहयोग देने का संकल्प व्यक्त किया।

                   कार्यक्रम के अंत में सभी ने स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज की सेवा प्रेरणा को नमन करते हुए कहा कि "सेवा ही सच्ची भक्ति है" और यही सनातन संस्कृति का वास्तविक स्वरूप है।

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