धनीरामपुरा के सरपंच विकल कुमार चौबे हुए सम्मानित
पिहोवा, 18 अप्रैल। देश को टीबी मुक्त बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा चलाए जा रहे विशेष जागरूकता अभियानों का असर अब जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। इसी कड़ी में जिला स्तर पर एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें टीबी मुक्त पंचायतों के सरपंचों को आमंत्रित कर सम्मानित किया गया।इस कार्यक्रम में जिला उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा और जिला परिषद की चेयरपर्सन कंवलजीत कौर ने भाग लिया। उन्होंने गांव धनीरामपुरा के सरपंच विकल कुमार चौबे सहित अन्य सरपंचों को विशेष रूप से सम्मानित किया। धनीरामपुरा को जिले की दूसरी बार टीबी मुक्त पंचायत के रूप में मान्यता मिली है, जो पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।सम्मान प्राप्त करने के बाद सरपंच विकल कुमार चौबे ने कहा कि यह उपलब्धि गांव के सभी नागरिकों, स्वास्थ्य कर्मियों और प्रशासन के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ी है और समय पर जांच व उपचार के कारण अब इस पर नियंत्रण संभव हो पाया है। उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सराहना करते हुए कहा कि सरकार की नीतियों और योजनाओं ने ग्रामीण स्तर तक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त भारत का सपना अब साकार होता नजर आ रहा है।जिला प्रशासन ने भी इस अभियान को सफल बनाने के लिए निरंतर प्रयास करने की बात कही। अधिकारियों ने बताया कि आने वाले समय में और अधिक पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है। यह कार्यक्रम न केवल सम्मान का अवसर था, बल्कि अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बना, जिससे वे भी इस दिशा में सक्रिय रूप से कार्य करें और देश को टीबी मुक्त बनाने में अपना योगदान दें।