चंडीगढ़, 1 जुलाई। 1 जून फरीदाबाद सिविल अस्पताल से शुरू हुई हरियाणा प्रदेश साइकिल यात्रा एवं जिला नागरिक अस्पतालों के बाहर सांकेतिक धरना प्रदर्शन की समाप्ति चंडीगढ़ में हुई। समापन पर रैफरमुक्त संघर्ष समिति के संयोजक सतीश चोपड़ा ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर सरकारी अस्पतालों की जमीनी हालत साझा की और दो मांग पत्र स्वयं सौंपे। मुख्यमंत्री ने दोनों पत्रों को कार्यवाही के लिए संबंधित विभागों को भिजवा दिया है।
1. मेडिकल PG और सुपर-स्पेशियलिटी सीटें बढ़ाने की मांग
NMC आंकड़ों के अनुसार हरियाणा में मात्र 422 सरकारी PG MD/MS सीटें हैं, जबकि दिल्ली में 1,398 और राजस्थान में 2,006 हैं। हरियाणा में कुल PG सीटों का 60% से अधिक हिस्सा निजी कॉलेजों के पास है। सरकारी हिस्सेदारी हरियाणा में केवल 39.5% है।
DM/MCh में दिल्ली में 400 से अधिक और राजस्थान में 250 से अधिक सरकारी सीटों के मुकाबले हरियाणा में कुल 40 सीटें ही हैं, जिनमें मात्र 24 सरकारी हैं।
मांग: PGIMS रोहतक, कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल, शहीद हसन खान मेवाती मेडिकल कॉलेज नूंह और भगत फूल सिंह मेडिकल कॉलेज खानपुर कलां में PG सीटें बढ़ाई जाएं, DM/MCh के लिए विशेष बजट दिया जाए, और सभी MBBS-ओनली सरकारी कॉलेजों को अपग्रेड कर PG विभाग शुरू किए जाएं ताकि रैफर व्यवस्था खत्म हो।
2. लावारिस मंदबुद्धि मरीजों के लिए सरकारी शेल्टर की मांग
सतीश चोपड़ा, संचालक सेवा वाहन फरीदाबाद, वर्षों से सड़कों पर मिले लावारिस, बीमार और मंदबुद्धि व्यक्तियों को सिविल अस्पताल फरीदाबाद में भर्ती करवाते आ रहे हैं। कोविड काल में इस सेवा के लिए प्रशासन द्वारा सम्मानित भी किया गया था।
पूरे फरीदाबाद लोकसभा क्षेत्र में ऐसे मरीजों के पुनर्वास के लिए एक भी सरकारी शेल्टर नहीं है। अस्पताल इन्हें बोझ मानकर दिल्ली रैफर कर देते हैं। लावारिस मंदबुद्धि महिलाओं का शारीरिक शोषण तक होता है।
मांग: फरीदाबाद सहित पूरे हरियाणा में लावारिस मंदबुद्धि और जरूरतमंद व्यक्तियों के लिए सरकारी शेल्टर बनाए जाएं।
जारीकर्ता: सतीश चोपड़ा संचालक, सेवा वाहन फरीदाबाद संयोजक, रैफरमुक्त संघर्ष समिति।
