राजेश वर्मा। कुरुक्षेत्र भूमि
कुरुक्षेत्र, 4 जून
कुरुक्षेत्र, 4 जून
भारतीय योग संस्थान (पंजी.) के कृष्ण जिला के कुटिया क्षेत्र के अंतर्गत ज्योति नगर स्थित पार्क में पांच दिवसीय मोटापा एवं हड्डी रोग निवारण शिविर के चौथे दिन हरियाणा योग आयोग के वरिष्ठ सदस्य एवं भारतीय योग संस्थान के हरियाणा प्रांत के पूर्व संगठन मंत्री डॉ. मनीष कुकरेजा रहे। महर्षि पतंजलि नमन के पश्चात सुबह सवेरे लेकर तेरा नाम प्रभु के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
संस्थान की वरिष्ठ शिक्षिका ऊषा शर्मा ने सूक्ष्म क्रियाओं का अभ्यास मनोयोग से कराया। मुख्य अतिथि ने ताड़ आसन, कोण आसन, सर्प आसन, पवन मुक्त आसन व शव आसन का अभ्यास तथा हास्य आसन के अंतर्गत हिंदी भाषा के स्वरों के साथ ह व्यंजन के मेल से उत्पन्न विभिन्न ध्वनियों के माध्यम से हंसी का सुंदर अभ्यास कराया। सगर्भ प्राणायाम के अंतर्गत तालबद्ध प्राणायाम में गायत्री मंत्र के साथ पूरक, आंतरिक कुंभक, रेचक व बाह्य कुम्भक का अभ्यास साधकों ने अत्यंत रुचिपूर्वक किया तथा यौगिक श्वासों किस प्रकार दीर्घ आयु करने में सहायक हो सकते हैं, के महत्व को आत्मसात किया। इस विषय का विभिन्न प्रयोगों के माध्यम से क्रियात्मक रूप से बोध कराया गया। ध्यान प्रक्रिया के अंतर्गत नाद योग का अभ्यास कराते हुए वेणु अर्थात बांसुरी की स्वर लहरियों में इतनी शक्ति हमें देना दाता मन का विश्वास कमजोर हो ना वादन कर सभी के आनंद को परम आनंद में परिवर्तित कर दिया।
कार्यक्रम के अंत में संगठन के महत्व को समझाते हुए डॉ. कुकरेजा ने कहा कि संस्थान द्वारा लगभग 4500 केंद्रों का भारत में था, लगभग 60 केंद्र विदेशों में नि:शुल्क रूप से संचालित किये जा रहे हैं तथा लाखों लोग इससे लाभान्वित हो रहे हैं। कृष्ण जिला के प्रधान देवी दयाल सैनी व कुटिया क्षेत्र के प्रधान जितेंद्र तलवार ने सभी आए लगभग 50 साधक व साधिकाओं का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए मुख्य अतिथि व उनके साथ आए देवेंद्र का विशेष रूप से आभार प्रकट किया गया।
संस्थान की वरिष्ठ शिक्षिका ऊषा शर्मा ने सूक्ष्म क्रियाओं का अभ्यास मनोयोग से कराया। मुख्य अतिथि ने ताड़ आसन, कोण आसन, सर्प आसन, पवन मुक्त आसन व शव आसन का अभ्यास तथा हास्य आसन के अंतर्गत हिंदी भाषा के स्वरों के साथ ह व्यंजन के मेल से उत्पन्न विभिन्न ध्वनियों के माध्यम से हंसी का सुंदर अभ्यास कराया। सगर्भ प्राणायाम के अंतर्गत तालबद्ध प्राणायाम में गायत्री मंत्र के साथ पूरक, आंतरिक कुंभक, रेचक व बाह्य कुम्भक का अभ्यास साधकों ने अत्यंत रुचिपूर्वक किया तथा यौगिक श्वासों किस प्रकार दीर्घ आयु करने में सहायक हो सकते हैं, के महत्व को आत्मसात किया। इस विषय का विभिन्न प्रयोगों के माध्यम से क्रियात्मक रूप से बोध कराया गया। ध्यान प्रक्रिया के अंतर्गत नाद योग का अभ्यास कराते हुए वेणु अर्थात बांसुरी की स्वर लहरियों में इतनी शक्ति हमें देना दाता मन का विश्वास कमजोर हो ना वादन कर सभी के आनंद को परम आनंद में परिवर्तित कर दिया।
कार्यक्रम के अंत में संगठन के महत्व को समझाते हुए डॉ. कुकरेजा ने कहा कि संस्थान द्वारा लगभग 4500 केंद्रों का भारत में था, लगभग 60 केंद्र विदेशों में नि:शुल्क रूप से संचालित किये जा रहे हैं तथा लाखों लोग इससे लाभान्वित हो रहे हैं। कृष्ण जिला के प्रधान देवी दयाल सैनी व कुटिया क्षेत्र के प्रधान जितेंद्र तलवार ने सभी आए लगभग 50 साधक व साधिकाओं का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए मुख्य अतिथि व उनके साथ आए देवेंद्र का विशेष रूप से आभार प्रकट किया गया।
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