जग ज्योति दरबार बिजड़पुर में पंच धूनी अग्नि तपस्या का 37वां दिन, श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति का केंद्र बना दरबार


राजेश वर्मा। कुरुक्षेत्र भूमि
कुरुक्षेत्र,

जग ज्योति दरबार बिजड़पुर में महंत श्री राजेंद्र पुरी जी महाराज द्वारा की जा रही पंच धूनी अग्नि तपस्या का 37वां दिन अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा के वातावरण में संपन्न हुआ। दरबार में सुबह से ही श्रद्धालुओं का निरंतर आगमन होता रहा और दूर-दूर से पहुंचे भक्तों ने पंच धूनी अग्नि तपस्या के दर्शन कर गुरु आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे परिसर में वैदिक मंत्रोच्चारण, हवन, पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन की गूंज सुनाई देती रही, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने महंत श्री राजेंद्र पुरी जी महाराज की कठिन साधना और तपस्या को सनातन परंपरा का प्रेरणादायक उदाहरण बताते हुए कहा कि उनकी तपस्या से लोगों के मन में धर्म, सेवा और भक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। इस अवसर पर महंत श्री राजेंद्र पुरी जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संदेश देते हुए कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में सदैव सत्य, सेवा, संयम और प्रभु भक्ति को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ईश्वर की कृपा प्राप्त करने के लिए मन की पवित्रता और अच्छे कर्म सबसे महत्वपूर्ण हैं। महाराज श्री ने लोगों से आपसी प्रेम, भाईचारा और जीवों के प्रति दया भाव रखने का भी आह्वान किया। दरबार में उपस्थित श्रद्धालुओं ने कहा कि यहां पहुंचकर उन्हें मानसिक शांति, आत्मिक सुख और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है तथा महंत श्री राजेंद्र पुरी जी महाराज के आशीर्वाद से जीवन में नई आशा और आत्मविश्वास का संचार होता है। पंच धूनी अग्नि तपस्या के 37वें दिन भी दरबार में श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति देखने को मिली, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि जग ज्योति दरबार बिजड़पुर लोगों की आस्था, विश्वास और आध्यात्मिक चेतना का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है, जहां प्रतिदिन भक्त बड़ी श्रद्धा के साथ पहुंचकर गुरु कृपा प्राप्त कर रहे हैं।

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