मनुष्य को धर्म, संस्कार और सदाचार का मार्ग दिखाती है भगवान की कथा: मनीष शास्त्री


अभिषेक पूर्णिमा 

पिहोवा, 8 जून (): ब्रह्मजुनी रोड स्थित रामलीला भवन में समाजसेवी महिलाओं के विशेष प्रयास से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही।

                      व्यासपीठ से कथावाचक पंडित मनीष शास्त्री ने श्रीमद्भागवत महापुराण के विभिन्न प्रसंगों का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान की कथा मनुष्य को धर्म, संस्कार और सदाचार का मार्ग दिखाती है। उन्होंने बताया कि महर्षि वेदव्यास के पुत्र सुखदेव जी ने सांसारिक मोह-माया से दूर रहकर भगवान की भक्ति और ज्ञान का संदेश दिया। 

                    उनका जीवन ईश्वर भक्ति, वैराग्य और आत्मज्ञान की प्रेरणा प्रदान करता है। कथा के दौरान भगवान शंकर द्वारा माता पार्वती को सुनाई गई अमर कथा का भी वर्णन किया गया। यह प्रसंग आत्मकल्याण, ईश्वर भक्ति तथा जीवन के गूढ़ रहस्यों के ज्ञान का प्रतीक है। भगवान शंकर ने माता पार्वती को ईश्वर की महिमा और मानव जीवन के महत्व का उपदेश दिया था। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण जिसे सनातन धर्म का एक महान ग्रंथ माना जाता है। यह ग्रंथ आज भी करोड़ों लोगों को धर्म, भक्ति, सदाचार और मानव कल्याण का मार्ग दिखा रहा है। 

                    कथा आयोजन में नपा प्रधान आशीष चक्रपाणि की धर्मपत्नी नीलिमा चक्रपाणि, कविता कौशिक, संध्या रिष्याण, निशा कौशिक सहित अन्य महिलाओं ने व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभालते हुए धार्मिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण का संदेश दिया। नीलिमा चक्रपाणि ने कहा कि महिलाएं परिवार, समाज और धर्म की मजबूत आधार हैं।

                    रंजना शर्मा और कल्पना शर्मा ने बताया कि 6 जून से आरंभ हुई श्रीमद्भागवत कथा 12 जून को हवन-यज्ञ, सत्संग एवं विशाल भंडारे के साथ संपन्न होगी। 

                    कथा के अंत में आरती के उपरांत श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। 

              इस अवसर पर प्रवीण तिवारी, बाला शर्मा, अदिति चक्रपाणि, किरण शर्मा, नरेश चक्रपाणि, पार्षद रविकांत कौशिक, रमेश सैनी, टोनी शर्मा, योगेश शर्मा, मुकुट शर्मा, सुरेंद्र शर्मा, जयपाल शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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